125 विद्यालयों के शिक्षकों ने कार्यशाला में लिया हिस्सा, प्राचार्य डॉ. डी.के. उपाध्याय ने विज्ञान के प्रायोगिक ज्ञान की आवश्यकता पर दिया जोर
चिरमिरी(जितेंद्र मिश्रा)। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय चिरमिरी में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर के तत्वावधान में विज्ञान दिवस के सम्बन्ध में विज्ञान शिक्षकों की एक दिवसीय कार्यशाला गरिमापूर्ण कार्यक्रम के रुप में सम्पन्न हुआ ।
कार्यशाला का प्रारंभ सभी शिक्षकगण के स्वागत के साथ हुआ जिसमें अतिथियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात एक परिचय सत्र आयोजित किया गया जिसमें सभी शिक्षकों ने अपना परिचय साझा किया। जिला समन्वयक डॉ. डी. के. उपाध्याय ने विज्ञान का मानव जीवन में उपयोग पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए आगामी विज्ञान दिवस आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया । उन्होंने बताया कि विज्ञान के विधार्थियों में विषय ज्ञान के साथ प्रायोगिक ज्ञान भी आवश्यक हैं जिसके माध्यम से वह नये अनुसंधान को सीखने का क्षमता रखें इस दिशा में शिक्षकों को विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए वातावरण बनाना चाहिए । उपासना मिश्रा ने आगामी विज्ञान दिवस में होने वाली गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दिया जिसमें प्रतियोगिताएं,सेमिनार, वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शनी और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम शामिल हैं।कार्यशाला में उपस्थित विज्ञान शिक्षकों ने अपना अनुभव साझा किया जिसमें उन्होंने छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए अपनाई गई रणनीतियों और उनके परिणामों पर चर्चा की। शिक्षकों ने विज्ञान की शिक्षा में आ रही चुनौतियों और उन्हें दूर करने के उपाय भी सुझाए।सभी शिक्षकों को आयोजन में भाग लेने हेतु रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही कुछ छात्रों ने अतिथियों और शिक्षकों के साथ संवाद कर विज्ञान में अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में उपस्थित सभी ने आयोजन को बेहद सफल बताया और इसे विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और जागरूकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना। कार्यशाला में 125 विधालय के शिक्षक शामिल हुए ।
