अंबिकापुर | बुधवार की शाम को शहर के पर्पल आर्किट में जीके टीएमटी द्वारा इंजीनियर्स मीट का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें 50 से अधिक शहर के साथ ही आसपास के इलाकों के जाने माने इंजीनियरों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से समझा कि किस प्रकार से जीके टीएमटी में स्टील के साथ छड़ों का उत्पादन होता है और किस चैन के माध्यम से मार्केट में इसकी सेलिंग होती है।
जीके टीएमटी की तरफ से कंपनी के मार्केटिंग एंड ब्रांडिंग मैनेजर प्रमोद जायसवाल, हेड ऑफ कस्टमर रिलेशनशिप मनोज गुप्ता, बिलासपुर से एरिया सेल्स मैनेजर मैनेजर अभिषेक सिन्हा के साथ विनोद प्रजापति मौजूद रहे। सभी ने कंपनी के बारिकियों को समझा। बताया गया कि जीके टीएमटी देश में सबसे ज्यादा स्टील उत्पादन करने वाला दूसरे नंबर का कंपनी है। जो केंद्र और राज्य सरकार से टायप रखता है। इसके साथ ही कंपनी अपने उत्पादन में पर्यावरण संतुलन का भी ख्याल रखता है।
इसके साथ ही जीके टीएमटी आर्थिक रुप से कमजोर तबके के लोगों को आगे बढाने के लिए रियल कवरेज फाउंडेशन भी चला रहा है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ समाजिक सरोकार पर भी फोकस किया जाता है। कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर प्रमोद जायसवाल ने जीके टीएमटी की क्वालिटी के ऊपर डिटेल में चर्चा की। साथ ही उन्होंने बताया कि आज रियल ग्रुप हर महीने 60000 से 70000 टन टीएमटी बनता है और भारत के विभिन्न नेशनल हाईवे रेलवे प्रोजेक्ट्स और मेट्रो स्टेशंस इत्यादि पर यह टीएमटी लगाया जाता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमोद जायसवाल और मनोज गुप्ता ने बताया की अपनी क्वालिटी के कारण जीके टीएमटी का अप्रूवल सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट के तकरीबन हर डिपार्टमेंट में है। जीके टीएमटी को डियर सेलो नामक आयरन ओर से बनाया जाता है और कंपनी के इंटीग्रेटेड प्लांट में इसकी क्वालिटी को मेंटेन किया जाता है। इसका उपयोग छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र ,उड़ीसा , राजस्थान ,गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलांगना इत्यादि स्टेट में जीके टीएमटी का नाम बहुत गर्व से लिया जाता है। जीके टीएमटी की गुणवत्ता एन ए बी एल लैब द्वारा प्रमाणित है जो कि अपने आप में एक बड़ी बात है।

.jpg)