चिरमिरी जिला अस्पताल में 1.51 करोड़ रुपये की लागत से 70 बिस्तरों वाले वार्ड और फिजियोथैरेपी यूनिट का भूमिपूजन
अस्पताल में लिफ्ट सुविधा और डॉक्टरों के लिए 13 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय भवन का निर्माण शीघ्र
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतु नामी कंपनियों से बातचीत, आर्थिक आधार पर निःशुल्क या कम शुल्क में शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना
183 करोड़ रुपये की अमृत जल मिशन योजना से चिरमिरी में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल में लिफ्ट की सुविधा भी जल्द जोड़ी जाएगी ताकि मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक जाने में परेशानी न हो। ट्रांजिट हॉस्टल के लिए 1.68 करोड़ पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं और डॉक्टरों के लिए 13 करोड़ की लागत से आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में चिरमिरी घर-घर स्वच्छ पेयजल से जुड़ जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थाई समाधान की बात करते हुए मंत्री ने कहा कि कई नामी कंपनियों से बातचीत चल रही है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क या कम शुल्क में शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। आर्थिक आधार पर शुल्क तय होगा।
183 करोड़ की अमृत जल मिशन योजना को चिरमिरी की मूलभूत समस्याओं के समाधान की कुंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा, मंत्री जी के नेतृत्व में न केवल एमसीबी जिला बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं एक नई ऊंचाई छू रही हैं। आने वाले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ की चिकित्सा व्यवस्था देश को गौरवान्वित करेगी।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर राम नरेश राय, सभापति संतोष कुमार सिंह, पूर्व महापौर डमरू बेहरा, रवि शंकर सिंह, श्रीमती रानी गुप्ता, राम लखन सिंह, द्वारिका जायसवाल, रघुनंदन यादव, शिलाकांत झा, राजू नायक, और रीत जैन के साथ-साथ वार्ड पार्षद मनीष खटीक, डीपीएम पुष्पेंद्र सोनी, डॉ. जयंत यादव, जिला अस्पताल के कर्मचारी, और बड़ी संख्या में भाजपा महिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा स्थानीय जनसमुदाय उपस्थित रहे।




