भारतीय शिक्षण मंडल के 56वें स्थापना दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान
सूरजपुर (जितेंद्र मिश्रा)। भारतीय शिक्षण मंडल के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर गत दिनों शासकीय रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय सूरजपुर में शिक्षा में रामत्व विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एच एन दुबे ने की। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत सह मंत्री डॉ राम किंकर पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन चन्द्र भूषण मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ एच एन दुबे ने कहा कि शिक्षा में रामत्व आज समय की आवश्यकता है। हमारे शिक्षा प्रणाली में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े हुए बिंदुओं के समावेश की जरूरत है। भारतीय शिक्षण मंडल इस दिशा में पिछले छप्पन वर्षों से प्रयासरत है जिसका परिणाम राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन है। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत सह मंत्री डॉ राम किंकर पाण्डेय ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल शिक्षा में भारतीयता और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रतिष्ठित करने की दिशा में कार्यरत एक अखिल भारतीय संगठन है।
डॉ राम किंकर पाण्डेय ने इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल की स्थापना, कार्यप्रणाली और उसकी गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवा पीढ़ी को भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़ने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा में रामत्व विषय के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि रामत्व के अनुसरण से हम एक ऐसे समाज की रचना कर सकते हैं जो मानवता को सच्ची राह दिखा सकता है। राम भारतीय सांस्कृतिक जीवन धारा के प्राणतत्व हैं और रामत्व इसकी आत्मा है। कार्यक्रम की भूमिका चन्द्र भूषण मिश्रा ने प्रस्तुत की जबकि संचालन अनिल चक्रधारी ने किया। तकनीकी सहयोग विष्णु कुमार और मुकेश साहू का रहा। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ सहित छात्राएं उपस्थित रहे।
उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एच एन दुबे ने की। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत सह मंत्री डॉ राम किंकर पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन चन्द्र भूषण मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ एच एन दुबे ने कहा कि शिक्षा में रामत्व आज समय की आवश्यकता है। हमारे शिक्षा प्रणाली में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े हुए बिंदुओं के समावेश की जरूरत है। भारतीय शिक्षण मंडल इस दिशा में पिछले छप्पन वर्षों से प्रयासरत है जिसका परिणाम राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन है। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत सह मंत्री डॉ राम किंकर पाण्डेय ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल शिक्षा में भारतीयता और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रतिष्ठित करने की दिशा में कार्यरत एक अखिल भारतीय संगठन है।
डॉ राम किंकर पाण्डेय ने इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल की स्थापना, कार्यप्रणाली और उसकी गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवा पीढ़ी को भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़ने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा में रामत्व विषय के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि रामत्व के अनुसरण से हम एक ऐसे समाज की रचना कर सकते हैं जो मानवता को सच्ची राह दिखा सकता है। राम भारतीय सांस्कृतिक जीवन धारा के प्राणतत्व हैं और रामत्व इसकी आत्मा है। कार्यक्रम की भूमिका चन्द्र भूषण मिश्रा ने प्रस्तुत की जबकि संचालन अनिल चक्रधारी ने किया। तकनीकी सहयोग विष्णु कुमार और मुकेश साहू का रहा। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ सहित छात्राएं उपस्थित रहे।


