केंद्रीय विद्यालय चिरमिरी में भारतीय भाषा समर कैंप का समापन, सेवानिवृत शिक्षिका सुजाता भारद्वाज ने कहा– भाषा ही है जो हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत से जोड़ती है

 चिरमिरी (जितेंद्र मिश्रा)। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और एकता की आत्मा है। भाषा ही वह सेतु है, जो भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियों को मिटाकर हमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से जोड़ती है। उक्त बातें केंद्रीय विद्यालय चिरमिरी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप के समापन अवसर पर विद्यालय की पूर्व शिक्षिका श्रीमती सुजाता भारद्वाज ने कहीं।


इस कार्यक्रम का उद्देश्य भाषाओं के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना विकसित करना था। पूरे सप्ताह चले इस कैंप में विद्यार्थियों को बंगाली भाषा की बुनियादी जानकारी दी गई। इसमें संख्याएँ, अभिवादन, आत्म-परिचय एवं दैनिक जीवन से संबंधित संवाद शैली को सरल एवं संवादात्मक रूप में सिखाया गया। 


कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने बाजार, स्टेशन, रेस्टोरेंट आदि से जुड़े संवादों का अभ्यास किया। लोक कलाओं के माध्यम से वाद्य यंत्रों, देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं चित्रकला से जुड़ी गतिविधियाँ संपन्न हुईं। उन्होंने पारंपरिक व्यंजन, फल-सब्जियों और मसालों के नाम सीखे, साथ ही देशभक्ति कहानियाँ, लघु नाट्य और प्रेरक फिल्में भी प्रस्तुत की गईं। संबंधित राज्य के इतिहास एवं भूगोल की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस सात दिवसीय कार्यक्रम में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। यह आयोजन विद्यालय के प्राचार्य श्री पॉल उदय अरोंग के मार्गदर्शन तथा ग्रंथपाल एवं कार्यवाहक प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार शुक्ला के संयोजन में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में श्रीमती अम्बिका स्वाई, जितेन्द्र कुमार मिश्रा, नवीन सैनी, सुश्री खुशनुमा मुस्कान, सुश्री अंजुम निशा, सुरेश कुमार सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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