बैकुण्ठपुर । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रारंभ किए गए ‘मोर गांव मोर पानी’ महा अभियान और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'आवा पानी झोंकी' अभियान ने कोरिया जिले में जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम देने शुरू कर दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन और लगातार की जा रही प्रेरक अपीलों से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने अब जलसंरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बना लिया है।
विगत 23 जुलाई को जिले के प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभान्वित 500 से अधिक हितग्राहियों ने स्वप्रेरणा से अपने-अपने घरों के समीप सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्य ‘आवा पानी झोंकी’ अभियान के अंतर्गत किया गया, जो जिलेभर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चलाया जा रहा है। पूर्व में जिले में 660 से अधिक सोख्ता गड्ढों के निर्माण कर गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया जा चुका है।
इन सभी संरचनाओं को जियो टैगिंग कर जेएसजेबी 2.0 मॉड्यूल में ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इस मुहिम को और गति देते हुए जिले में 24 जुलाई से 30 जुलाई तक जल संरक्षण सप्ताह भी मनाया जा रहा है।
24 हजार पौधे लगाए, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को मिली नई ऊंचाई - प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में पक्के आवास प्राप्त करने वाले 8 हजार से अधिक हितग्राहियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। प्रत्येक हितग्राही ने अपने आवास के पास तीन-तीन पौधे रोपकर कुल 24 हजार पौधों का रोपण किया। ये पौधे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत लगाए गए हैं, जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हितग्राहियों ने स्वयं ली है।
एक हजार से अधिक खेतों में अपनाया गया ‘पांच परसेंट मॉडल’ - मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत सोनहत विकासखंड के ग्रामीण किसानों ने प्रशासन की अपील पर अपने खेतों में ‘5 प्रतिशत मॉडल’ लागू किया है। इसके तहत किसानों ने अपने खेतों में निश्चित आकार के सीढ़ीनुमा गड्ढे तैयार किए हैं ताकि वर्षा जल का संग्रहण और भूजल पुनर्भरण हो सके। इससे क्षेत्र का जलस्तर बढ़ने में मदद मिलेगी। जिले में अब तक एक हजार से अधिक किसानों ने यह मॉडल अपनाया है।
वर्तमान व भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत जरूरी - कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि प्रकृति ने कोरिया को अकूत सम्पदा दी है, इसे बचाने, संवारने की जिम्मेवारी हम सबकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप हमने आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण व भूमिगत जल के लिए ऐसे उपाय एक वरदान होगा। वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित कर हम वर्तमान व भावी पीढ़ी को जल संकट से बचा सकते हैं।
समन्वित प्रयास से जिले में बन रही जलसंरक्षण की मिसाल - जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सभी विभागों के सहयोग से जलसंरक्षण हेतु लगातार संरचनाएं बनाई जा रही हैं। सभी नव निर्मित जल संरचनाओं को जेएसजेबी 2.0 में दर्ज किया जा रहा है।
प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के सहयोग से कोरिया जिले में जल संरक्षण को जनांदोलन बनाया जा रहा है।यह जिला अब राज्य में जलसंरक्षण की दिशा में एक प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है, जहां जनभागीदारी से हरियाली और भूमिगत जल का भविष्य सुनिश्चित किया जा रहा है।