प्राचार्य श्री पॉल उदय अरोंग ने बच्चों से बहुआयामी प्रतिभा विकसित करने का आह्वान किया
समारोह में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया।
सीसीए प्रभारी डॉ. विनीता पाण्डेय ने केवीएस के गौरवमयी इतिहास और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला
चिरमिरी/एमसीबी (जितेंद्र मिश्रा) । केंद्रीय विद्यालय चिरमिरी में केंद्रीय विद्यालय संगठन का 63वां स्थापना दिवस एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के महाप्रबंधक एवं अध्यक्ष विद्यालय प्रबंधन समिति अशोक कुमार एवं सब एरिया मैनेजर कुरासिया कॉलरी अरुण सिंह चौहान, विद्यालय की भूतपूर्व शिक्षिका श्रीमती सुजाता भारद्वाज के गरिमामय उपस्थिति में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्राचार्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआती दौर में सीसीए प्रभारी डॉ विनीता पाण्डेय ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के गौरवमयी इतिहास, स्थापना, उपलब्धियों और लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संगीत शिक्षिका सुश्री भुनेश्वरी नागवंशी के निर्देशन में प्राथमिक एवं माध्यमिक वर्ग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया।
इस दौरान मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार ने अपने उद्बोधन में सर्वप्रथम समस्त कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं तथा बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक एवं रंगारंग कार्यक्रमों के लिए उन्हें बधाई दी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना वर्ष 1963 में हुई थी और आज देशभर में 1287 केंद्रीय विद्यालय तथा विदेशों में तीन केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। ISRO एवं DRDO सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में केंद्रीय विद्यालय के पूर्व छात्र अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहाँ केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सर्वप्रथम कर्म करना चाहिए, क्योंकि बिना कर्म किए भाग्य भी साथ नहीं देता। आज बच्चों के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की।
प्राचार्य श्री पॉल उदय अरोंग ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपना बहुमूल्य समय निकालकर आज विद्यालय में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने बच्चों एवं समस्त कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे सीमित सोच से बाहर निकलकर बहुआयामी व्यक्तित्व का विकास करें।
इस दौरान विद्यालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ विनीता पांडेय एवं रश्मि शिखा द्वारा किया गया।








