गुरु पूर्णिमा पर भारतीय जनता पार्टी एमसीबी की भव्य पहल, गुरुओं का हुआ सम्मान — स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी बोले: गुरु बिना ज्ञान नहीं, और ज्ञान बिना मानवता का अस्तित्व नहीं

 चिरमिरी/एमसीबी (जितेंद्र मिश्रा)। गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों को समर्पित गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई एमसीबी द्वारा चिरमिरी के हल्दीबाड़ी स्थित एनसीपीएच क्लब में श्री गुरु पूर्णिमा उत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया।


 कार्यक्रम में मंच को पुष्पवर्षा, तिलक, चरण वंदना, शाल, श्रीफल, मिठाई और मोमेंटो से सुसज्जित कर स्थानीय गुरुओं का भावपूर्ण सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल स्वयं अपने गुरुओं के सानिध्य में उपस्थित होकर भावविभोर हो उठे। उन्होंने मंच पर उपस्थित अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और गुरु के महत्व को अपने अनुभवों के माध्यम से साझा किया।

मंत्री जायसवाल ने अपने उद्बोधन में संत कबीर की वाणी “गुरु गोविंद दोऊ खड़े” का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं और ज्ञान के बिना मानवता का कोई अस्तित्व नहीं। उन्होंने युवाओं को भारतीय परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए ब्रिटिश कालीन शिक्षा प्रणाली की आलोचना की, जिसमें हमारे महापुरुषों को उपेक्षित किया गया। उन्होंने बताया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, शिवाजी महाराज, अहिल्याबाई होलकर जैसे नायकों को शिक्षा के केंद्र में लाया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और सांस्कृतिक जागरण को नई दिशा मिल रही है।

गरु सम्मान समारोह में जिले के विशिष्ट गुरुओं में कैलाश पाण्डेय, यशवंत सिंह, भागवत दुबे, झारोलिया जी, कृष्णा मैम, प्रणव चक्रवर्ती, जगन्नाथ मंदिर के महंत, कथा वाचक मिथलेश जी,डॉ डी.के. उपाध्याय, हरिकांत अग्निहोत्री, राजेंद्र पटेल, राजेंद्र शुक्ला, रामनरेश सिंह, साधुराम बेलबंशी, तरुण शर्मा, को मंच पर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल केशरवानी, द्वारिका जायसवाल, राहुल सिंह, रीत जैन, कीर्ति वासो, संतोष सिंह, रघुनंदन यादव, गौरी हाथगेन, इंदु पनेरिया, रीता आइच सहित भाजपा पदाधिकारियों, महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं तथा नगर निगम चिरमिरी के एमआईसी व पार्षदों की विशेष भूमिका रही।


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